Thursday 29 November 2012

रात्रि 2

दिवस  ने  उतारी  स्वर्णिम  चुनरी
ओढ़ी  निशा  ने  तारों  भरी  चुनरी
डैनों  तले  खग-माँ  ने  चूजों  को  किया
क्लांत  काया  ने  शयन  का  चयन  किया
शुभ  रात्रि

30-10-2011

diwas ne utari swarnim chunri
odhi nisha ne taaron bhari chunri
daino tale khag-ma ne chujon ko kiya
klant kaayaa ne shayan ka chayan kiya
shubh ratri

Friday 6 July 2012

प्रभात 36


फैली  चहुँ  ओर  सूरज  की  लाली
लुभा  रही  प्रकृति  की  छटा  निराली
खिल  गयीं  देखो  नन्ही  कलियाँ
उठ  भी  जाओ  अब  मेरी  मुनिया
शुभ  प्रभात  

27-10-2011
 
faili chahun or suraj ki lali
lubha rahi prakriti ki chhata nirali
khil gayin dekho nanhi kaliyan
uth bhi jao ab meri muniya
shubh prabhat

Thursday 3 May 2012

प्रभात 39


अलसाई  सी  सुबह  जागी
मेरी  निंद्रा  हंसकर  भागी
नव  किरणों  ने  छुआ  मुझको
देखा  मैंने  मुस्कुराकर  जग को 
सुप्रभात 


30-10-2011

alsayi si subah jaagi
meri nindra hanskar bhaagi
nav kirnon ne chhua mujhko
dekha maine muskurakar jagko
suprabhat

Friday 13 April 2012

प्रभात 38


गुनगुनी  धूप  की  नर्म  छुअन
माँ  का  हो  ज्यों  ममतामयी  स्पर्श
धूप  से  उर्जा  पा  जाए  हर  तन
ममता  हर  दिल  में  भर  जाए  हर्ष
शुभ  प्रभात

29-10-2011

gunguni dhoop ki narm chhuan
ma ka ho jyon mamtamayi sparsh
dhoop se urja pa jaye har tan
mamata har dil mein bhar jaye harsh
shubh prabhat

Thursday 23 February 2012

रात्रि 1

मेरी  नींद  भरी  आँखों  में  कई सपने  हैं
कुछ  मेरे  अपने,  कुछ  अपनों  के  सपने  हैं 

उन्हीं  सपनों में  खोयी  मैं अब  सोने  चली  हूँ
नए  दिन  के  लिए  नयी  स्फूर्ति  जगाने  चली  हूँ
शुभ  रात्रि

20-10-2011

 meri neend bhari aankhon mein kai sapne hain
kuchh mere apne,  kuchh apno ke sapne hain
unhi sapno meim khoyi mai ab sone chali hun
naye din ke liye nayi sfurti jagane chali hun

shubh ratri

Thursday 9 February 2012

प्रभात 35


नव  किरणों  ने  वसुंधरा  का  श्रृंगार  किया

Saturday 4 February 2012

प्रभात 34



खुल  गयी  फूलों  की पंखुड़ियाँ

Wednesday 1 February 2012

प्रभात 33

रोज सवेरे जब मैं जागूँ
स्वयं से ही ये पूछूं मैं

Tuesday 31 January 2012

Monday 30 January 2012

प्रभात 31


पलकों  को  खोलते  ही  मैं  जिंदगी  को  देख  मुस्काई

Wednesday 25 January 2012

Tuesday 24 January 2012

Saturday 21 January 2012

प्रभात 27


मंगल  रात्री बाद  आई  सुमंगल  सुबह

Thursday 19 January 2012

प्रभात 26

मीठे  स्वप्न  लिए  सोयी  स्नेह  उमंगें 

Wednesday 18 January 2012

प्रभात 25


नहीं  होता  सवेरा  केवल  सूर्योदय  से

Sunday 15 January 2012

प्रभात 24

मन  आंगन  में  पड़ी  स्नेह  वर्षा फुहार 

Saturday 14 January 2012

प्रभात 23



बुरांस  के  फूलों  की  लाली  लुभा  रही  है